Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza Lyrics Manqabat


Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Mere Raza! Mere Raza! Ahmad Raza! Mere Raza!

Sunniyon ke Peshwa! Hai Raza Hai Raza!
Rahbar-o-Rahnuma! Hai Raza Hai Raza!
Sufi-e-Ba-Safaa! Hai Raza Hai Raza!
Sahib-e-Ittiqaa! Hai Raza Hai Raza!

Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza
Ilm-o-Hunar ka Mehr-e-Darakhshan Mera Raza
Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza

Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Mulk-e-Sukhan mein Sayyid-o-Sultan Mera Raza
Ahl-e-Qalam ko karta hai Hairaan Mera Raza
Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza

Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Ahl-e-Sunan pe Rab ka hai Ehsaaan Mera Raza
Sarkar-e-Do-Jahaan ka hai Faizaan Mera Raza
Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza

Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Yun to bahut hain Hind mein Ushshaaq-e-Mustafa
Fazl-e-Khuda se unmein Numayan Mera Raza
Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza

Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Yun to Zameen-e-Hind pe Shayar huye bade
Lekin bana hai Hind ka Hashna Mera Raza
Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza

Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Naam-e-Raza hai Ishq ka ‘Unwaan, is liye
Kehta hai baat-baat pe Burhaan Mera Raza
Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza

Raza Raza! Raza Raza! Raza Raza! Mera Raza!
Sunniyon ke Peshwa! Hai Raza Hai Raza!
Rahbar-o-Rahnuma! Hai Raza Hai Raza!
Sufi-e-Ba-Safaa! Hai Raza Hai Raza!
Sahib-e-Ittiqaa! Hai Raza Hai Raza!


✍️ Shayar: Mufti Rashid Ali Razvi Attari
🎙️ Naat Khwan: Muhammad Hasnain Attari


रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
मेरे रज़ा ! मेरे रज़ा ! अहमद रज़ा ! मेरे रज़ा !

सुन्‍नियों के पेशवा ! है रज़ा है रज़ा !
रहबर‑ओ‑रहनुमा ! है रज़ा है रज़ा !
सूफी‑ए‑बा‑सफ़ा ! है रज़ा है रज़ा !
साहिब‑ए‑इत्तिका ! है रज़ा है रज़ा !

इश्क़-ओ-अदब का माह-ए-फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा
इल्म‑ओ‑हुनर का मेहर‑ए‑दरख्शाँ मेरा रज़ा
इश्क़‑ओ‑अदब का माह‑ए‑फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
मुल्क‑ए‑सुख़न में सय्यिद‑ओ‑सुल्ताँ मेरा रज़ा
अहल‑ए‑क़लम को करता है हैराँ मेरा रज़ा
इश्क़‑ओ‑अदब का माह‑ए‑फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
अहल‑ए‑सुनन पे रब का है एहसान मेरा रज़ा
सरकार‑ए‑दो‑जहाँ का है फैज़ाँ मेरा रज़ा
इश्क़‑ओ‑अदब का माह‑ए‑फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
यूं तो बहुत हैं हिन्द में उश्शाक़‑ए‑मुस्तफ़ा
फ़ज़्ल‑ए‑ख़ुदा से उनमें नुमायाँ मेरा रज़ा
इश्क़‑ओ‑अदब का माह‑ए‑फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
यूं तो ज़मीन‑ए‑हिन्द पे शायर हुए बड़े
लेकिन बना है हिन्द का हशनाँ मेरा रज़ा
इश्क़‑ओ‑अदब का माह‑ए‑फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
नाम‑ए‑रज़ा है ‘इश्क़ का ‘उनवाँ, इस लिए
कहता है बात‑बात पे बुरहान मेरा रज़ा
इश्क़‑ओ‑अदब का माह‑ए‑फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरा रज़ा !
सुन्‍नियों के पेशवा ! है रज़ा है रज़ा !
रहबर‑ओ‑रहनुमा ! है रज़ा है रज़ा !
सूफी‑ए‑बा‑सफ़ा ! है रज़ा है रज़ा !
साहिब‑ए‑इत्तिका ! है रज़ा है रज़ा !


शायर: मुफ़्ती राशिद अली रज़वी अत्तारी
ना’त-ख़्वाँ: मुहम्मद हसनैन अत्तारी


رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
میرے رضا! میرے رضا! احمد رضا! میرے رضا!

سنیوں کے پیشوا! ہے رضا ہے رضا!
رہبر و رہنما! ہے رضا ہے رضا!
صوفی باصفا! ہے رضا ہے رضا!
صاحبِ اتّقا! ہے رضا ہے رضا!

عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا
علم و ہنر کا مہرِ درخشاں میرا رضا
عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا

رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
ملکِ سُخن میں سیّد و سلطان میرا رضا
اہلِ قلم کو کرتا ہے حیراں میرا رضا
عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا

رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
اہلِ سنن پہ رب کا ہے احسان میرا رضا
سرکارِ دو جہاں کا ہے فیضان میرا رضا
عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا

رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
یوں تو بہت ہیں ہند میں عشّاقِ مصطفیٰ
فضلِ خدا سے ان میں نمایاں میرا رضا
عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا

رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
یوں تو زمینِ ہند پہ شاعر ہوئے بڑے
لیکن بنا ہے ہند کا حَسناں میرا رضا
عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا

رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
نامِ رضا ہے عشق کا عنوان، اس لیے
کہتا ہے بات بات پہ برہان میرا رضا
عشق و ادب کا ماہِ فروزاں میرا رضا

رضا رضا! رضا رضا! رضا رضا! میرا رضا!
سنیوں کے پیشوا! ہے رضا ہے رضا!
رہبر و رہنما! ہے رضا ہے رضا!
صوفی باصفا! ہے رضا ہے رضا!
صاحبِ اتّقا! ہے رضا ہے رضا!


✍️ شاعر: مفتی راشد علی رضوی عطّاری
🎙️ نعت خواں: محمد حسنین عطّاری


Ishq-o-Adab ka Mah-e-Farozan Mera Raza Lyrics Manqabat || इश्क़-ओ-अदब का माह-ए-फ़रोज़ाँ मेरा रज़ा

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